Masihi Vatika


Masihi Vatika – मसीही वाटिका

प्राचीन धार्मिक ग्रन्थों में ईश्वर, परमेश्वर एवं स्वर्ग की जो कल्पना की गयी है, उसमें वृक्षों व वाटिकाओं (बाग, उपवन) को अत्यधिक महत्त्व दिया गया है। विभिन्न प्रजातियों के आवश्यकतानुसार उपयोग एवं लाभ के बारे में भी बताया गया है। बाइबिल में अनेकों प्रजातियों का वर्णन मिलता है। परमेश्वर ने जब आदम को बनाया तो उसका प्रारम्भ भी वाटिका से हुआ, जिसको आदम की बगिया (गार्डन ऑफ इडेन) के नाम से जाना जाता है। इस बाग में फलदार वृक्ष के अतिरिक्त पशु-पक्षी की उपस्थिति का भी वर्णन है। बाइबिल के प्रारम्भ में इस बात का भी वर्णन है कि परमेश्वर के द्वारा पैदा किये गये वृक्ष, झाडिय़ाँ और घास जो फल तथा बीज प्रदान करते हैं, वे मानव समुदाय के लिए शुभ हैं। बाइबिल के आधार पर परमेश्वर ने सम्पूर्ण पृथ्वी की रचना छ: दिनों में वचन मात्र से की तथा तीसरे दिन ही परमेश्वर ने सम्पूर्ण वनस्पतियों का निर्माण किया।